A TRIBUTE TO SHIRDEE SAI BABADEVOTIONAL ALBUM "BAWARE FAQEERA" VOICE :- *ABHAS JOSHI {Mumbai/Jabalpur} *SANDEEPA PARE {Bhopal} MUSIC:- *SHREYASH JOSHI { Mumbai/Jabalpur } LYRICS:- *GIRISH BILLORE ;MUKUL (Jabalpur) FOR FURTHER DETAILS & YOUR SUGESSTIONS CONTACT [1] girishbillore@gmail.com [2] girish_billore@rediffmail.com [3] PHONE 09479756905 pl send crossed cheque of Rs.60/-(Rs.50 +Rs. 10/) for one CD to Savysachi Kala Group 969/A-2,Gate No.04 Jabalpur MADHY-PRADESH,INDIA
Wednesday, October 28, 2009
"सव्यसाची कला ग्रुप जबलपुर सम्मानित होगा "
Saturday, April 25, 2009
आज से इलाज़ शुरू करेगी "लाइफ लाइन एक्सप्रेस "
सव्यसाची कला ग्रुप जबलपुर की प्रस्तुति "..बावरे फकीरा "
(पोलियो-ग्रस्त बच्चों की मदद हेतु साईं भक्ति एलबम )
स्वर:आभास जोशी श्रीमती संदीपा पारे * संगीत:श्रेयस जोशी * रिदम प्रोग्रामर:लोकेश मालवीय
*गीत एवं परिकल्पना :गिरीश बिल्लोरे मुकुल * रिकार्डिस्ट : आशीष सक्सेना स्वर-दर्पण
कोरस : सुलभा एवं श्रद्धा बिल्लोरे,आदित्य सूद,किरण जोशी,निष्ठा,अनुभव,स्वाति सराफ,योगेश चान्द्रायण मुकुंद राव नायडू,मिली एवं श्री प्रकाश दीवान,
संपर्क:-सव्यसाची कला ग्रुप 969/A गेट नंबर 04 जबलपुर (M.P.)
Email: girishbillore@gmail.com,swysachi@hotmail.com, girishbillore@hotmail.com
आप भी सहयोगी हो सकतें हैं............!
Sunday, January 18, 2009
एक ख़ास सूचना ब्लागर्स के लिए !!
Sunday, November 2, 2008
उमर-खैयाम की रुबाइयों के अनुवाद कर्ता कवि स्वर्गीय केशव पाठक
मुक्तिबोध की ब्रह्मराक्षस का शिष्य, कथा को आज के सन्दर्भों में समझाने की कोशिश करना ज़रूरी सा होगया है । मुक्तिबोध ने अपनी कहानी में साफ़ तौर पर लिखा था की यदि कोई ज्ञान को पाने के बाद उस ज्ञान का संचयन,विस्तारण,और सद-शिष्य को नहीं सौंपता उसे मुक्ति का अधिकार नहीं मिलता । मुक्ति का अधिकारक्या है ज्ञान से इसका क्या सम्बन्ध है,मुक्ति का भय क्या ज्ञान के विकास और प्रवाह के लिए ज़रूरीहै । जी , सत्य है यदि ज्ञान को प्रवाहित न किया जाए , तो कालचिंतन के लिए और कोई आधार ही न होगा कोई काल विमर्श भी क्यों करेगा। रहा सवाल मुक्ति का तो इसे "जन्म-मृत्यु" के बीच के समय की अवधि से हट के देखें तो प्रेत वो होता है जिसने अपने जीवन के पीछे कई सवाल छोड़ दिये और वे सवाल उस व्यक्ति के नाम का पीछा कर रहेंहो । मुक्तिबोध ने यहाँ संकेत दिया कि भूत-प्रेत को मानें न मानें इस बात को ज़रूर मानें कि "आपके बाद भी आपके पीछे " ऐसे सवाल न दौडें जो आपको निर्मुक्त न होने दें !जबलपुर की माटी में केशव पाठक,और भवानी प्रसाद मिश्र में मिश्र जी को अंतर्जाल पर डालने वालों की कमीं नहीं है किंतु केशवपाठक को उल्लेखित किया गया हो मुझे सर्च में वे नहीं मिले । अंतरजाल पे ब्लॉगर्स चाहें तो थोडा वक्त निकाल कर अपने क्षेत्र के इन नामों को उनके कार्य के साथ डाल सकतें है । मैं ने तो कमोबेश ये कराने की कोशिश की है । छायावादी कविता के ध्वजवाहकों में अप्रेल २००६ को जबलपुर के ज्योतिषाचार्य लक्ष्मीप्रसाद पाठक के घर जन्में केशव पाठक ने एम ए [हिन्दी] तक की शिक्षा ग्रहण की किंतु अद्यावासायी वृत्ति ने उर्दू,फारसी,अंग्रेजी,के ज्ञाता हुए केशव पाठक सुभद्रा जी के मानस-भाई थे । केशव पाठक का उमर खैयाम की रुबाइयों के अनुवाद..">उमर खैयाम की रुबाइयों के अनुवाद..[०१] करना उनकी एक मात्र उपलब्धि नहीं थी कि उनको सिर्फ़ इस कारण याद किया जाए । उनको याद करने का एक कारण ये भी है-"केशव विश्व साहित्य और खासकर कविता के विशेष पाठक थे " विश्व के समकालीन कवियों की रचनाओं को पड़ना याद रखना,और फ़िर अपनी रचनाओं को उस सन्दर्भ में गोष्टीयों में पड़ना वो भी उस संदर्भों के साथ जो उनकी कविता की भाव भूमि के इर्द गिर्द की होतीं थीं ।समूचा जबलपुर साहित्य जगत केशव पाठक जी को याद तो करता है किंतु केशव की रचना धर्मिता पर कोई चर्चा गोष्ठी ..........नहीं होती गोया "ब्रह्मराक्षस के शिष्य " कथा का सामूहिक पठन करना ज़रूरी है। यूँ तो संस्कारधानी में साहित्यिक घटनाओं का घटना ख़त्म सा हो गया है । यदि होता भी है तो उसे मैं क्या नाम दूँ सोच नहीं पा रहा हूँ । इस बात को विराम देना ज़रूरी है क्योंकि आप चाह रहे होंगे [शायद..?] केशव जी की कविताई से परिचित होना सो कल रविवार के हिसाबं से इस पोस्ट को उनकी कविता और रुबाइयों के अनुवाद से सजा देता हूँ
Wednesday, October 29, 2008
मित्र चर्चा 02 : राजीव गुप्त: जन्म दिन मुबारक़ हो
राजीव गुप्ता , है स्वर्गीय पत्रकार श्री "हीरालाल गुप्त मधुकर ",के पुत्र साथ ही एक कुशल संगठक मौनचिन्तक आज इअनके जन्म-दिवस पर हमारी और से हार्दिक शुभ कामनाएं
{छवि:साभार डाक्टर विजय तिवारी 'किसलय' के ब्लॉग "यहाँ से ", }Sunday, April 27, 2008
बावरे फकीरा मेक
आशीष सक्सेना की मेहनत ,श्रेयस के संकल्प से
बावरे फकीरा पूरा हुआ
मुझे यकीन था कि आभास के सुर सह गायिका संदीपा पारे के सुरों का
साथ पाकर इस एलबम को जो ऊंचाई देंगे उसके लिए "बाबा के कृपा "
कहना ही शेष होगा,और हम कह भी क्या सकते हैं......!!
मुझे चिंता नहीं है आपका प्यार भी तो है हमारी साथ
गिरीश बिल्लोरे
Tuesday, March 25, 2008
Sunday, March 16, 2008
होली तो ससुराल
Saturday, March 1, 2008
रामकृष्ण गौतम
Thursday, February 28, 2008
मध्य-प्रदेश लेखक संघ ने प्रस्ताव आहूत किए
- अक्षर-आदित्य-सम्मान, आयु-सीमा ६० वर्ष,
- पुष्कर-सम्मान,६० वर्ष तक की आयु सीमा
- देवकी-नंदन-सम्मान,३५-५० , आयु वर्ग के रचनाकारों के लिए,
- काशी-बाई-मेहता-सम्मान,किसी भी आयु की महिला लेखिका,के लिए,
- कस्तूरी देवी चतुर्वेदी,लोक-भाषा-सम्मान,म०प्र० की लोक भाषा, की महिला साहित्यकार को , योग्य प्रस्ताव के अभाव में पुरुष साहित्यकार के नाम पर विचार किया जाएगा ,
- माणिक वर्मा,व्यंग्य-सम्मान,
- चंद्रप्रकाश जायसवाल,बाल-साहित्य-सम्मान,
- पार्वती देवी मेहता अहिन्दी भाषी हिन्दी-साहित्यकार
- डा० संतोष कुमार तिवारी -समीक्षा सम्मान, ६० वर्ष आयु से अधिक आयु के समीक्षक को , शिथिलाताएं संभावित
- हरिओम शरण चौबे गीतकार सम्मान,
- कमला देवी लेखिका सम्मान
- मालती वसंत सम्मान [द्वि-वार्षिक ] १८ वर्ष आयु वर्ग की युवा लेखिका को
- सारस्वत-सम्मान,
- अमित रमेश शर्मा हास्य-व्यंग्य के लिए
प्रस्ताव के लिए म०प्र० के साहित्यकार,जिला एकांशों के पदाधिकारियों से सम्पर्क कर सकते हैं । अथवा निम्न लिखित पतों पर सम्पर्क
कीजिए:-
- श्री बटुक-चतुर्वेदी ,१४/८,परी-बाज़ार,शाहाज़हानाबाद, भोपाल,म०प्र०
- गिरीश बिल्लोरे मुकुल एकांश अध्यक्ष , जबलपुर ,एकांश,९६९/ए-२,गेट न० ०४, जबलपुर
[ क्रमांक २ से केवल प्रस्ताव हेतु प्रपत्र -प्राप्ति हेतु सम्पर्क कीजिए]
Friday, February 22, 2008
सत्य के साथ सृजनगाथा
तनवीर जी की पोस्ट हटाई सृजनगाथा ने
रायपुर से वेब पर प्रकाशित होने वाली सृजनगाथा के संपादक जी ने सत्यनिष्ठ होने का परिचय देकर साहित्य और न्याय का समर्तन किया और तनवीर जाफरी के नाम से प्रकाशित मेरी रचना "जीवन की बंजर भूमि में " लिंक ये थे => http://www.srijangatha.com/Permanent%20matter/vichar-withi.htm& http://www.srijangatha.com/2007-08/july07/vicharvithi.htm , हटा दिया है ।
संपादकीय कार्यालयः एफ-3, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, आवासीय कॉलोनी, रायपुर, 492001 ई-मेलः srijangatha@gmail.com,
चलते चलते इसे ज़रूर पढिए :-"सृजनगाथा : प्रसंगवश "
आप सभी इस दिशा में जागरूक रहिए,कहीं कोई........
शुभ रात्री
