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Tuesday, December 15, 2009

2009 में ब्लागिंग से प्राप्त अनुभव

वर्ष 2009 में अंतरजाल पर अपने भतीजे आभास-जोशी के लिए जो उस वक्त वाइस-आफ-इंडिया के प्रतियोगी थे के प्रमोशन के लिए प्रवेश किया था. सोच यह भी थी की हिंदी-साहित्य  से अंतरजाल कितना भरा-पूरा है जानूं....? सब कुछ मिला यहाँ पूर्णिमा बर्मन[purnimavarman2008.jpg] और श्रद्धा जैन जैसे गुरु मिले जिनको मैंने देखा कभी भी  नहीं किन्तु उनसे ब्लागिंग /नेट पर हिंदी में लेखन के गुर सीखे. तभी समीर लाल जी मिले जिनको वाकई भूल गया था मेरे तीसरे गुरु के रूप में सामने आए और फिर ब्लागिंग के नए पाठ लिखने का जुनून शुरू हुआ. मुझे होश रहा  नहीं कि ब्लॉग एक या दो बनाने चाहिए सो कई ब्लॉग बना दी फिर जब यह समझ में आया की एक या दो ब्लाग्स से पहचान ही पहचाने जाओगे तब तक सारे ब्लॉग मुंह बाए पोस्ट माँगते नज़र आने लगे दिखाई देते किन्तु अपने आप को नियंत्रित करते हुए मैंने. अब तय कर लिया है कि कुछेक दो या तीन ब्लाग्स पर की लेखन किया जावेगा. नए ब्लागर्स से अनुरोध है कि जो गलती मुझसे हुई उसे वे न दुहराएं.
वर्ष 2009 मेरे लिए एक प्रशिक्षण वर्ष था   इस वर्ष में कई ब्लॉगर को नंगी आँखों से देखने का अवसर मिला जो इ-मेल के ज़रिये फोन के ज़रिये इस उस को भड़काते नज़र आए. दो मित्रों के बीच युद्ध की स्थिति भी एक नामवर ब्लॉगर ने पैदा करा दी जबलपुर को अपमानित भी किया मेरे तथा भाई महेंद्र मिश्रा जी के बीच मतभेद पैदा कर दिए गए   किन्तु माँ नर्मदाhttp://www.narmadasamagra.org/hindi/images/stories/narmada_prikrama/rituals_-_nemavar_10.jpg की असीम अनुकम्पा से उनकी कोशिशें बेकार हो गईं हैं हम सभी एक नाव पर सवार होकर ब्लागिंग जात्रा पर हैं....
जबलपुर ब्रिगेड पर समृद्धि की झलक देखने-मिल रही है, बावरे-फकीरा के गीत को हिंद-युग्म के पाडकास्ट प्रभाग यानी आवाज़ ने एक और स्थान दिया वहीं दूसरी और खजाना को जबलपुर ब्रिगेड में बदलने के प्रयास के बाद जो सफलता मिली उसे देखकर हौसला बढ़ा 


मिलने से हर्षित हूँ समय के साथ साथ ब्लागिंग के इस काम में कई तरह के अच्छे-बुरे अनुभव मिले किन्तु मुझे केवल अच्छे अनुभव याद रखना है जिनमें प्रमुख है ऐसे अनुभव जिनकी वज़ह से हिंदी ब्लागिंग विश्व की श्रेष्ठतम ब्लागिंग कहलाए ...... मित्रो वो है सर्वकालिक मानव-कल्याण के लिए की गई चिट्ठाकारी यह चिट्ठाकारी न तो कनपुरिया है न जबलपुरिया वरन यह होगी "धनात्मक-विचारों से भरी" भारतीय चिट्ठाकारी जो न धर्मांध होगी न ठाकुर सुहाई वृत्ति की होगी इसमें पानी की टंकी पर चडाने की गुंजाइश न होगी न कोई किसी के कहने पर किसी पर कीच उड़ेलेगा.....! आइये करेंनई शुरुआत आज के लिए बस शुभ रात्री 
क्या जबलपुर ब्रिगेड को भारत-ब्रिगेड कर दिया जावे इस प्रश्न के उत्तर की तलाश में हूँ आपसे कोई मदद मिलेगी मुझे

Wednesday, November 4, 2009

पाथेय ने दिया संस्था सव्यसाची को सम्मान


आयुक्त महानगर पालिका नागपुर श्री गुप्ता उपस्थित थे सव्यसाची को मिले सेवा श्री अलंकरण के अवसर पर
बतौर मुख्य अतिथि
अध्यक्ष

जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता की रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति डा0  आशुतोष श्रीवास्तव जी ने 



श्रीकाशीनाथ बिल्लोरे ने ग्रहण किया सम्मान
अवसर था श्रीमती राज लाश्मी शिवहरे की किताब का विमोचन


इस कृति की समीक्षा पृथक से प्रकाशित होगी शीघ्र ही 
                                         सव्यसाची कला ग्रुप कृतग्य है पाथेय का एवं राज लक्ष्मी  जी का

Thursday, October 29, 2009

आभार हिंदयुग्म :

दाता सुन ले- "बावरे फकीरा" के नेट लॉन्च के साथ नमन करते हैं शिरडी साईं बाबा को, साथ ही जानिए कि कैसा है लता की दिव्य आवाज़ में नए दौर का "जेल" भजन

ताजा सुर ताल TST (30) दोस्तों, ताजा सुर ताल यानी TST पर आपके लिए है एक ख़ास मौका और एक नयी चुनौती भी. TST के हर एपिसोड में आपके लिए होंगें तीन नए गीत. और हर गीत के बाद हम आपको देंगें एक ट्रिविया यानी हर एपिसोड में होंगें ३ ट्रिविया, हर ट्रिविया के सही जवाब देने वाले हर पहले श्रोता की मिलेंगें २ अंक. ये प्रतियोगिता दिसम्बर माह के दूसरे सप्ताह तक चलेगी, यानी 5 अक्टूबर के एपिसोडों से लगभग अगले 20 एपिसोडों तक, जिसके समापन पर जिस श्रोता के होंगें सबसे अधिक अंक, वो चुनेगा आवाज़ की वार्षिक गीतमाला के 60 गीतों में से पहली 10 पायदानों पर बजने वाले गीत. इसके अलावा आवाज़ पर उस विजेता का एक ख़ास इंटरव्यू भी होगा जिसमें उनके संगीत और उनकी पसंद आदि पर विस्तार से चर्चा होगी. तो दोस्तों कमर कस लीजिये खेलने के लिए ये नया खेल- "कौन बनेगा TST ट्रिविया का सिकंदर" TST ट्रिविया प्रतियोगिता में अब तक- पिछले एपिसोड में आये एक नए प्रतिभागी महिलाओं को चुनौती देने. चलिए हमारे कहने का असर हुआ, और विश्व दीपक तन्हा जी भी मैदान में कूद पड़े, पर 3 में से 2 जवाब सही दिए, एक जगह चूक कर गए. और उनकी भूल का फायदा उठा कर सीमा जी फिर 2 अंक चुरा लिए. सीमा जी का स्कोर हुआ है अब 12, तन्हा जी ने शानदार शुरुआत की 4 अंकों के साथ. दिशा जी अभी भी 2 अंकों पर जमी है, सभी को आज के लिए शुभकामनायें. सजीव - सुजॉय, आज का TST ख़ास है कुछ, लेकिन इससे पहले कि मैं ये बताऊं क्यों, मेरी तरफ से और पूरे युग्म परिवार की तरफ से आवाज़ के सबसे लोकप्रिय होस्ट को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएँ दे देता हूँ, जी हाँ दोस्तों आज सुजॉय का जन्मदिन है, मुबारक हो सुजॉय :) सुजॉय - धन्यवाद सजीव, और मेरे सभी साथियों का....शुक्रिया. सजीव - जानते हैं आज के दिन का एक और बहुत बड़ा महत्त्व है. शिरडी के साईं बाबा ने आज ही दिन देह त्याग कर स्वर्ग के लिए पलायन किया था. उनकी स्तुति का ये दिन बेहद ख़ास है देश विदेश में फैले बाबा के असंख्य भक्तों के लिए, आज हम भी TST पर बाबा सो नमन करते हुए एक ऐसा गीत सुनवाने जा रहे हैं, जो नेट पर आज पहली बार बजेगा.

सुजॉय - दोस्तो, आभास जोशी एक उभरते हुए गायक हैं जिन्होंने वॉइस ऑफ़ इंडिया प्रतियोगिता में विशेष जूरी सम्मान हासिल किया, बेहद कम उम्र में उनके गायन के चर्चे मशहूर हो चुके है और अब जल्दी ही बॉलीवुड में भी उनकी दस्तक गूँजेगी... सजीव - आभास जिन दिनों प्रतियोगिता का हिस्सा थे ये एल्बम "बावरे फकीरा" बाज़ार में आ चुकी थी, इस एल्बम के गीतकार गिरीश बिल्लोरे जी ने हमें बताया कि इस एल्बम की बिक्री से अर्जित आय को विकलांग बच्चों के लिए कार्य कर रही एक संस्था को दान कर दिया गया, यानी कि संगीत माध्यम से समाज के उद्धार का एक अच्छा उदहारण है ये.... सुजॉय - यकीनन, पर इससे पहले कि आज इस एल्बम के शीर्षक गीत को पहली बार नेट पर सुनें, स्वागत करें इस भजन के रचेता गिरीश बिल्लोरे और युवा गायक आभास जोशी का, जो आज हमारे बीच हैं....स्वागत है आप दोनों का TST में... सजीव - गिरीश जी आपने आभास के उत्थान में अहम भूमिका निभाई है, जहाँ तक मेरी जानकारी है ये आभास का पहला एल्बम है, तो क्या ये एल्बम आपने प्लान की आभास के लिए? गिरीश -सजीव जी,सबसे पहले हिन्द-युग्म परिवार का हार्दिक आभारी हूँ कि आपने "साईं-बाबा के बताए अध्यात्मिक चिंतन पर केंद्रित एलबम "बावरे-फ़कीरा" के इन्टर-नेट संस्करण की लांचिंग का कार्य किया है" जहां तक आभास के उत्थान में मेरे अवदान को आपने रेखांकित किया है यह आप का बडप्पन है। वास्तव में आभास को सेलिब्रिटि खुद आभास की मेहनत बाबा के आशीर्वाद ने बनाया। मैनें तो बस जो किया स्वर्गीया सव्यसाची मां प्रमिला देवी की प्रेरणा से किया. उसका लाभ आभास को मिला यह मेरा सौभाग्य है. बावरे-फ़कीरा एलबम की प्लानिग की ज़िम्मेदार दो घटनाएं हैं। शहर के एक सिंगर ने मेरे गीत फेंक दिए थे यह कह कर ये भी कोई गीत हैं। फिर गीत मैनें कम्पोज़ीशन मेरे करीबी परिचित संगीतकार ने गीतों को घर की पुताई में खो दिए कुल मिला कर उपेक्षा का शिकार मेरे भजन पांच साल तक गोया आभास का इंतज़ार कर रहे थे .... 2006 में श्रेयास जोशी ने संगीतबद्ध कर आभास के सुरों को सौंप दिये ये गीत। सजीव जी, मां के निर्देश पर साहित्य से मुझे रोटी नहीं कमाना था सो मैंने अपने एलबम पीड़ित मानवता की सेवा को समर्पित किया जाना उचित समझा। सुजॉय - आभास आप और तोशी उस मुकाबले में "वाईल्ड कार्ड एंट्री" से आये, निर्णायकों की ख़ास पसंद बने थे आप, इन सब का अब तक आप को क्या फायदा मिलता है जब आप किसी संगीतकार से संपर्क में आते हैं, 2007 में हुए उस मुकाबले से लेकर अपने अब तक के सफ़र के बारे में संक्षेप में हमारे श्रोताओं को बताएं? आभास -एक अदभुत दौर था। मैं क्या हममें से कोई भी भुला नहीं पा रहा है दर्शकों का प्यार करतें। निर्णायकों की महत्वपूर्ण टिप्पणियां, जो हमारे कैरियर के लिए सहयोगी ही साबित हुईं हैं। सुजॉय जी, 2007 में संग-ए-मरमर के शहर जबलपुर से मायानगरी गया आभास मुम्बई का ही हो गया है। बमुश्किल चार दिन का वक्त मिला है "जबलपुर" आकर दादी का दुलार पाने के लिये। सच मुझे वाइल्ड कार्ड एंट्री और निर्णायकों की पसंद बनने से लाभ ही हुआ है। काम मिला है दो फ़िल्में, बावरे-फ़कीरा के बाद दो और एलबम देश-विदेश में स्टेज़ शोज, कुल मिला कर कम समय में बाबा ने बहुत कुछ दिया सच साई दो दो हाथों से देने वाला दाता है। सजीव - क्या आपके बाकी प्रतिभागी साथी अभी भी संपर्क में हैं?, इश्मित की मौत का यकीनन आप सब को सदमा होगा ... आभास -सजीव जी, सभी नेट, फ़ोन के ज़रिये संपर्क में तो हैं..... किन्तु सभी भाग्यशाली हैं यानी सभी व्यस्त हैं अत: मुलाकातें कम ही हो पातीं हैं। इश्मीत की याद आते ही वो दिन इतने याद आतें हैं कि अपने आप को रोकना मुश्किल हो जाता है। कोई न कोई बात आंखों को भिगो ही देती है। 29 जुलाई को इश्मीत जी की पहली पुण्यतिथि पर हम सभी लुधियाना गए थे। मोम से बनाए इश्मीत जी के स्टैच्यू देख कर लगा बस अब इश्मीत उठेंगें और छेड देंगे तान। ईश्वर इश्मीत को एक बार और हमारे बीच भेजे। सुजॉय - गिरीश जी जैसा की आपने बताया कि आपके एल्बम का एक सामाजिक पक्ष भी था, क्या आगे भी आभास के साथ मिलकर आपकी ऐसी कोई योजना है जिससे संगीत माध्यम से समाज के कल्याण में योगदान हो सके। गिरीश - जी हां, सच है बाबा के आशीर्वाद से मध्य-प्रदेश राज्य सरकार में बाल विकास परियोजना अधिकारी हूँ। रोज़गार मेरी समस्या नहीं है। सव्यसाची ने कहा था "तुम्हारी कविता समाज का कल्याण करे" सो इस एलबम से प्राप्त आय जबलपुर में आयी लाइफ़ लाइन एकस्प्रेस की व्यवस्था हेतु जिला प्रशासन को दी गई है। आगे भी जो लाभ होगा उससे पोलियो-ग्रस्त बच्चों की मदद जारी रहेगी जिसका ज़िम्मा सव्यसाची कला ग्रुप को सौंपा है। आगे भी मेरा प्लान नेत्रहीन-भिक्षुक के तम्बूरे से बिखरी संगीत रचनाओं को आपके समक्ष लाना यह प्रोजेक्ट भी अब मेरे पास है शीघ्र ही सबके हाथों होगा जिसकी आय नेत्रहीन व्यक्तियों की मदद हेतु होगी। सजीव - आभास आपकी आवाज़ में एक अलग सी ही कशिश है, हम तो यही दुआ करेंगें कि जल्दी आप हिंदी सिनेमा के जाने माने पार्श्व गायकों की कतार में शामिल हो जाएँ, आपको और गिरीश जी को हमारी शुभकामनाएं। आभास - उन दिनों जब मैं वी ओ आई का प्रतिभागी था मेरे जितेन्द्र चाचा और गिरीश चाचा ने हिन्द-युग्म की साईट खोल कर बताया था कि आपने मुझे कितना संबल दिया। सच, हिंद-युग्म ने एक ये और काम किया कि नेट पर मेरे गाए एलबम को ज़गह दी, आभार के शब्द कम पड़ रहे हैं। बस कृतज्ञ हूँ कह पा रहा हूँ। गिरीश - हिन्द-युग्म ने "बावरे-फ़कीरा" के नेट संस्करण की लांचिंग का जो कार्य किया है उसका हार्दिक आभारी हूँ। बावरे फकीरा (आभास जोशी) आवाज़ रेटिंग - लागू नहीं.

Tuesday, October 27, 2009

"सव्यसाची कला ग्रुप जबलपुर सम्मानित होगा "

संस्कारधानी जबलपुर साहित्यिक संस्था पाथेय द्वारा पोलियो ग्रस्त बच्चों की सहायता हेतु तैयार किए "बावरे-फकीरा एलबम" की प्रस्तुति एवं उससे प्राप्त धन राशि का सदुपयोग करने वाली संस्था "सव्यसाची कला ग्रुप जबलपुर सम्मानित करने का निर्णय लिया है" सव्यसाची कला ग्रुप को सेवाश्री अलंकरण रविवार दिनांक 01 नवम्बर 2009 को होम सायंस प्रेक्षा गृह में प्रदान किया जाएगा
"सव्यसाची कला ग्रुप पाथेय के प्रति कृतज्ञ है "

Wednesday, October 14, 2009

हिंद युग्म पर बावरे-फकीरा का शीर्षक-गीत गीत


बावरे-फकीरा को हिंदयुग्म ने आज आवाज़ पर प्रकाशित किया है . सव्यसाची कला ग्रुप हिंदयुग्म परिवार का  कृतज्ञ है  
 गीत सुनाने "यहाँ " क्लिक कीजिए




Tuesday, October 6, 2009

नया एग्रीगेटर जो वाकई नया ही है




आपका ब्लाग ब्लागप्रहरी पर हो 

इस लिए यहां आप के लिए  इस फार्म को भरना होगा

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Sunday, September 27, 2009

विजया दशमी "मुदिता का महापर्व"






                                                                  
"विजयादशमी-पर्व" पर हार्दिक शुभ कामनाएं

Baware-Faqira

A TRIBUTE TO SHIRDEE SAI BABADEVOTIONAL ALBUM "BAWARE FAQEERA"
VOICE :- *AABHAS JOSHI {Jabalpur}
*SANDEEPA PARE {Bhopal}
MUSIC:- *SHREYASH JOSHI {Jabalpur}
LYRICS:- *GIRISH BILLORE"MUKUL"{Jabalpur}

THIS DEVOTIONAL ALBUM WILL CONTRIBUTE
FOR THE DISABLED CHILDREN SUFFERING FROM "POLIO"
COME FORWARD FOR THIS CHARITY CAUSE & CONTRIBUTE FOR THE SUCCESS OF THE ALBUM

PL.FORWARD THIS INFORMATION
TO YOUR
"FRIENDS/RELATIVES/ORGANISATION(S)
GROUP/SAI-BHAKT ETC".
********************
FOR FURTHER DETAILS & YOUR SUGESSTIONS
CONTACT
[1] girishbillore@gmail.com
[2] girish_billore@rediffmail।com
[3] PHONE 09926471072
pl send crossed cheque of Rs.60/-(Rs.50 Rs. 10/) for one CD to
Savysachi Kala Group
969/A-2,Gate No.04 Jabalpur
MADHY-PRADESH,INDIA
"BAWARE FAQEERA"