A TRIBUTE TO SHIRDEE SAI BABADEVOTIONAL ALBUM "BAWARE FAQEERA" VOICE :- *ABHAS JOSHI {Mumbai/Jabalpur} *SANDEEPA PARE {Bhopal} MUSIC:- *SHREYASH JOSHI { Mumbai/Jabalpur } LYRICS:- *GIRISH BILLORE ;MUKUL (Jabalpur) FOR FURTHER DETAILS & YOUR SUGESSTIONS CONTACT [1] girishbillore@gmail.com [2] girish_billore@rediffmail.com [3] PHONE 09479756905 pl send crossed cheque of Rs.60/-(Rs.50 +Rs. 10/) for one CD to Savysachi Kala Group 969/A-2,Gate No.04 Jabalpur MADHY-PRADESH,INDIA
Friday, August 22, 2008
मोहित
अन्नू कपूर मोहित हुए आभास के अन्दर की सरस्वती को किया प्रणाम
Tuesday, August 19, 2008
क्लिक-सलाम:विश्व छायांकन दिवस पर विशेष
Friday, June 20, 2008
Monday, June 2, 2008
:-"ख़ुद से कैसे भाग सकेगा अंतस
Saturday, May 3, 2008
कुछ तो शर्म करिए
Sunday, April 27, 2008
बावरे फकीरा मेक
आशीष सक्सेना की मेहनत ,श्रेयस के संकल्प से
बावरे फकीरा पूरा हुआ
मुझे यकीन था कि आभास के सुर सह गायिका संदीपा पारे के सुरों का
साथ पाकर इस एलबम को जो ऊंचाई देंगे उसके लिए "बाबा के कृपा "
कहना ही शेष होगा,और हम कह भी क्या सकते हैं......!!
मुझे चिंता नहीं है आपका प्यार भी तो है हमारी साथ
गिरीश बिल्लोरे
Thursday, April 24, 2008
प्रतिभा और बाज़ार
Saturday, March 29, 2008
*KHAZANA*: "लाडली-लक्ष्मी"से बालिकाओं के लिए सोच बदली है...!!"#links#links#links#links#links#links
आभास आज 18 साल का हों गया है
Thursday, March 27, 2008
Tuesday, March 25, 2008
Sunday, March 23, 2008
उपयोग करके फैंकिए मत
आस का किसी ने जगाया था । उसने जीवन हर मोड़ पे नए नवेले मीठे-मीठे , खट्टे-खट्टे अनुभव की पोटली लेकर दिखाई दिया । वो सच्चा आदमी जब किसी का साथ देता तब डिफैन्सिव नहीं होता उसे अपना लक्ष्य स्पस्ट रूप से दिखाई दे रहा था। चलिए उस आदमी को नाम दे देतें हैं , उसका नाम आलू चमन था......अपना खून पसीना रामलाल को सफल करने में गिराता रहा । रामलाल अपनी जिन्दगी के साधारण स्तर से आजिज़ आ गया था , हर और आंशिक सफलता और क्विंटल भर असफलताएं लिए ख़ाक छानता । आलू चमन की मदद से आगे और आगे बढ़ता अब भूल गया लगता है रामलाल । ऐसे राम लालों की कमी कतई नहीं । इतने मकसद परस्तो,डिफेंसिव-खिलाडियों में कहीं आप तो नहीं यदि आप हैं तो आज कोशिश कीजिए उस मोटी कैंचुली से बाहर निकलनें की । शायद व्यावसायिकता के दौर से ,इंसानियत को बचा लाने में सफल होगें हम और आप
Sunday, March 16, 2008
होली तो ससुराल
आभार
स्पन्दन के लिए बेजी का कैसे आभार करें
नौ महीने गर्भ में आरंभ वात्सल्य ये सभी पोस्ट काबिले सम्मान हैं...
आभार
Thursday, March 6, 2008
महिला दिवस पर एक चिंतन "चिंता नहीं चिंतन की ज़रूरत है"
सुनीता शानू जी.....ने.....महिला दिवस पर एक सामयिक रचना ......ब्लाग पर पोस्ट की है एक क्लिक कीजिए कविता केलिए मै और तुम उनके ब्लोंग पर यहाँ क्लिक करके देखिए "मन पखेरू फ़िर उड़ चला"
