Wednesday, November 28, 2007

आत्म:परिचय

नाम : गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" जन्म-तिथि:-29/11/1962 माँ:-स्व० सव्यसाची प्रमिला देवी बिल्लोरे पिता:-काशीनाथ बिल्लोरे शिक्षा:-एम० कॉम० एल० एल-बी०, जीविका:-मध्य प्रदेश सरकार में बाल-विकास परियोजना अधिकारी अन्य:- [०१]विद्यार्थी जीवन में १५० से अधिक वाद-विवाद,भाषण प्रतियोगिताओं में प्रथम तीन स्थानों पर [०२]छात्रसंघों में सांस्कृतिक,साहित्यिक सचिव, विधि स्नातक पाठ्य-क्रम में संयुक्त-सचिव,एवं सचिव निर्वाचित [०३] मिलन,पाथेय,कहानी-मंच,पाठक मंच, रचना,हिन्दी-मंच-भारती,अरुणिमा,मध्य-प्रदेश लेखक संघ से सक्रीय जुडाव, [०४]साहित्यिक सांस्कृतिक प्रतिभाओं के प्रोत्साहन में अवदान जारी [०५] कृत्य १.सर्किट हाउस उपन्यास , {प्रकाशन रिटायर होने के बाद} २.नर्मदा अमृत-वाणी {रवींद्र शर्मा} एवं बावरे-फकीरा {आभास जोशी} एलबम ३.मूल विधा :- गीत,कहानी,और अब ब्लागिंग पिछले कुछ दिनो से , "आत्म कथ्य:-पोलियो के शिकार बच्चों और उनके अभिभावकों को बता देता हूँ की आत्म शक्ति हताशा और कुंठा की समापक होती हैं " दुनिया का विकलांगता से प्रति नज़रिया बदल देना चाहता हूँ कठिन है फिर भी कोशिश में हर्ज़ क्या है. सम्पर्क:- ९६९/ए-२, गेट न० ०४ जबलपुर म०प्र० फोन :-०७६१ ४०८२५९३ ०९९२६४७१०७२ ०९४२४३५८१६७ girishbillore@gmail.com

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